पाकिस्तान के लाहौर में कनाडाई नागरिक और पीएचडी छात्र हमजा अहमद खान लापता हो गए हैं। वे 13 फरवरी को एंटी-इम्पीरियलिस्ट राजनीति पर शोध के लिए पाकिस्तान पहुंचे थे। 19 फरवरी की रात डिफेंस हाउसिंग अथॉरिटी स्थित घर से राइड बुक कर कहीं जाने के लिए निकले, लेकिन वापस नहीं लौटे। दोस्त यूसुफ राशिद की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ किडनैपिंग का केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और यह भी देखा जा रहा है कि उनके रिसर्च वर्क का इस घटना से कोई संबंध है या नहीं। ह्यूमन राइट्स कमीशन ऑफ पाकिस्तान ने घटना पर गंभीर चिंता जताते हुए सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। राजनीतिक कार्यकर्ताओं और संगठनों ने भी इसे अकादमिक स्वतंत्रता से जोड़ते हुए जांच की मांग की है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्य खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही लापता होने की असली वजह साफ हो सकेगी। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… अमेरिकी राजदूत बोले- इजराइल का पूरे मिडिल ईस्ट पर हक; इस्लामिक देशों ने बयान जारी कर निंदा की अमेरिका के इजराइल में राजदूत माइक हकाबी के एक बयान ने मिडिल-ईस्ट में नई बहस छेड़ दी है। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि मिडिल-ईस्ट के कई हिस्सों पर इजराइल का अधिकार है। अगर इजराइल पूरे मिडिल ईस्ट इलाके पर नियंत्रण कर ले तो यह ठीक होगा। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक यह बयान अमेरिकी विदेश नीति से अलग माना जा रहा है। मिडिल ईस्ट के कई देशों ने जॉइन्ट स्टेटमेंट जारी कर इसकी निंदा की। UAE, सऊदी अरब, मिस्र और कतर समेत कई देशों ने इसे खतरनाक और भड़काऊ बताया। तुर्की, इंडोनेशिया और पाकिस्तान ने भी विरोध जताया। फिलिस्तीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह बयान अंतरराष्ट्रीय कानून और इतिहास के खिलाफ है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पहले कह चुके हैं कि वह इजराइल में वेस्ट बैंक (फिलिस्तीनी क्षेत्र) के विलय की इजाजत नहीं देंगे। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसे बयान पहले से तनाव झेल रहे इलाके में हालात और बिगाड़ सकते हैं। भारतीय यूट्यूबर का दावा- साउथ कोरिया में एंट्री से रोका; 38 घंटे हिरासत में रखा भारतीय यूट्यूबर सचिन अवस्थी ने दावा किया है कि साउथ कोरिया के जेजू आइलैंड पर उन्हें एंट्री से इनकार कर 38 घंटे तक हिरासत में रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें बिना कारण बताए डिटेंशन सेंटर में रखा गया, जहां फोन उपयोग की अनुमति नहीं थी और भोजन-पानी सीमित था। अवस्थी के मुताबिक, अधिकारियों ने उन्हें महंगा रिटर्न टिकट बुक कराने के लिए दबाव बनाया और वापसी का टिकट सामान्य से लगभग 10 गुना अधिक कीमत पर पड़ा। उन्होंने यह भी दावा किया कि चीन में ट्रांजिट के दौरान भी कड़ी निगरानी का सामना करना पड़ा। हालांकि अवस्थी ने कहा कि इमिग्रेशन निर्णय संबंधित देश का अधिकार है, लेकिन उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार नहीं होना चाहिए था। फिलहाल साउथ कोरिया या चीन के अधिकारियों की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। न्यूयॉर्क में 2 फीट तक बर्फबारी का अलर्ट, मेयर ममदानी ने लोगों से घर में रहने की अपील की अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में 2 फीट तक बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है। राष्ट्रीय मौसम सेवा के अनुसार रविवार सुबह से शुरू होने वाला शक्तिशाली शीतकालीन तूफान शहर में 12 से 20 इंच तक बर्फ गिरा सकता है, जबकि कुछ इलाकों में यह आंकड़ा 24 इंच तक पहुंच सकता है। तूफान के दौरान 60 मील प्रति घंटा तक हवाएं चलने की संभावना है। विजिबिलिटी बेहद कम रहेगी, जिससे यात्रा करना खतरनाक हो सकता है। तटीय क्षेत्रों में बाढ़ की आशंका भी जताई गई है। मेयर जोहरान ममदानी ने लोगों से घरों में रहने और सड़कों से दूर रहने की अपील की है। शहर प्रशासन ने हजारों स्नो-प्लो वाहन, 700 सॉल्ट स्प्रेडर और 1000 से अधिक इमरजेंसी कर्मियों को तैनात करने की तैयारी की है। फुटपाथों पर कम से कम 4 फीट चौड़ा रास्ता साफ रखने के निर्देश दिए गए हैं। रविवार रात बर्फबारी सबसे ज्यादा तेज रहने की संभावना है और सोमवार सुबह तक इसका असर जारी रह सकता है। प्रशासन ने कहा है कि हालात की समीक्षा के बाद स्कूलों को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा। हॉन्गकॉन्ग सरकार अग्निकांड पीड़ितों के 1700 जले फ्लैट खरीदेगी, बदले में नकद या नया फ्लैट देगी हॉन्गकॉन्ग में नवंबर 2025 की भीषण आग के तीन महीने बाद सरकार ने पुनर्वास योजना का ऐलान किया है। ताई पो स्थित वांग फुक कोर्ट की 7 इमारतों के करीब 1700 फ्लैट मालिकों से स्वामित्व अधिकार खरीदने या फ्लैट एक्सचेंज का विकल्प दिया जाएगा। 26 नवंबर 2025 को लगी आग में 168 लोगों की मौत हुई थी। हादसे के बाद हजारों लोग बेघर हो गए थे और अस्थायी ठिकानों में रह रहे हैं। सरकार फिलहाल किराये के लिए वित्तीय मदद दे रही है। इस पूरी प्रक्रिया पर करीब 6.8 अरब हॉन्गकॉन्ग डॉलर (यानी करीब 7892 करोड़ रुपए) खर्च होंगे। इसमें से 4 अरब डॉलर सार्वजनिक फंड से आएंगे, बाकी राहत कोष से। सरकार फ्लैट मालिकों से स्वामित्व अधिकार नकद में खरीदेगी। चाहें तो प्रभावित लोग निर्धारित सरकारी नीति के तहत नया फ्लैट खरीद सकते हैं। जो लोग बड़ी रकम लेने से बचना चाहते हैं, वे सीधे फ्लैट एक्सचेंज कर सकेंगे। मार्च से मालिकों से संपर्क शुरू होगा। एक्सचेंज योजना चुनने वाले सितंबर से नए घर चुन सकेंगे। डिप्टी फाइनेंशियल सेक्रेटरी माइकल वोंग ने कहा कि इमारतों की मरम्मत का कोई उचित और किफायती तरीका नहीं है। प्रशासन सातों इमारतों को ध्वस्त करने के पक्ष में है और साइट पर दोबारा आवासीय निर्माण नहीं किया जाएगा। यहां पार्क या सामुदायिक सुविधाएं बनाई जा सकती हैं। वोंग के मुताबिक, अगर सरकार दखल नहीं देती तो फ्लैट मालिकों को बाजार में खरीदार नहीं मिलेंगे और उनकी वर्षों की निवेश राशि शून्य हो सकती है। उन्होंने बताया कि, सर्वे में 74% प्रभावित लोगों ने सरकार को हक बेचने की इच्छा जताई, जबकि 9% लोग उसी जगह दोबारा निर्माण चाहते हैं, जिसमें करीब दस साल तक लग सकते हैं। रिसर्च- अमेरिका में हिंदू सबसे ज्यादा शिक्षित धार्मिक समूह: 70% के पास बैचलर डिग्री, यहूदी दूसरे नंबर पर अमेरिका में हिंदू सबसे ज्यादा शिक्षित धार्मिक समुदाय हैं। प्यू रिसर्च सेंटर की 2023-24 रिलिजियस लैंडस्केप स्टडी (RLS) के मुताबिक 70% हिंदुओं के पास बैचलर या उससे अधिक की डिग्री है। इस अध्ययन के अनुसार, हिंदुओं के बाद 65 प्रतिशत यहूदियों के पास बैचलर डिग्री या उससे ऊंची शिक्षा है। यह आंकड़ा पूरे अमेरिका के वयस्कों के औसत से काफी अधिक है, जहां सिर्फ 35 प्रतिशत लोगों के पास बैचलर डिग्री या उससे ऊपर की पढ़ाई है। रिपोर्ट 19 फरवरी को सार्वजनिक की गई थी। अन्य धार्मिक समूहों में भी औसत से ज्यादा शिक्षा स्तर देखा गया है। मुस्लिम, बौद्ध और ऑर्थोडॉक्स ईसाई समुदायों में 40 प्रतिशत से अधिक वयस्कों के पास कम से कम बैचलर डिग्री है। मेनलाइन प्रोटेस्टेंट ईसाई भी राष्ट्रीय औसत से ऊपर हैं। वहीं, इवैंजेलिकल प्रोटेस्टेंट, कैथोलिक और ऐतिहासिक रूप से ब्लैक प्रोटेस्टेंट चर्चों के सदस्यों में कॉलेज ग्रेजुएट्स का प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से कम है। यह सर्वेक्षण 17 जुलाई 2023 से 4 मार्च 2024 तक चला, जिसमें कुल 36,908 अमेरिकी वयस्कों ने हिस्सा लिया। यह अध्ययन अमेरिका में धर्म, शिक्षा और सामाजिक जीवन के बीच संबंधों को समझने में महत्वपूर्ण है। प्यू के मुताबिक इन शैक्षिक अंतर की बड़ी वजह इमिग्रेशन और जनसांख्यिकीय पैटर्न हैं। हिंदू, मुस्लिम और बौद्ध समुदाय के कई लोग उच्च शिक्षा या स्किल्ड वर्कर कार्यक्रमों के जरिए अमेरिका पहुंचे, जिससे इन समुदायों में उच्च शिक्षित आबादी का अनुपात अधिक है। नेपाल में 4.1 तीव्रता का भूकंप, नुकसान की सूचना नहीं नेपाल के कोशी प्रांत में रविवार सुबह 4.1 तीव्रता का भूकंप आया। नेशनल अर्थक्वेक मॉनिटरिंग एंड रिसर्च सेंटर के अनुसार सुबह 7:31 बजे दर्ज इस भूकंप का केंद्र संखुवासभा जिले के रिताक क्षेत्र में था, जो राजधानी काठमांडू से करीब 475 किलोमीटर पूर्व में स्थित है। भूकंप के झटके तपलेजुंग और भोजपुर जिलों में भी महसूस किए गए। हालांकि, किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की तत्काल कोई सूचना नहीं मिली है। इससे पहले 11 जनवरी को लमजुंग जिले के बंसर क्षेत्र के पास 3.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। नेपाल दुनिया के सबसे अधिक भूकंप संभावित देशों में 11वें स्थान पर है। हिमालयी क्षेत्र में टेक्टोनिक प्लेटों की सक्रियता के कारण यहां अकसर भूकंप आते रहते हैं। पाकिस्तान की अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक, 16 मौतें: सभी एक परिवार के; PAK बोला- TTP के 7 कैंपों को निशाना बनाया पाकिस्तान की सेना ने रविवार तड़के अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में एयरस्ट्राइक की। अल-जजीरा के मुताबिक पाकिस्तानी सेना ने दावा किया कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और इस्लामिक स्टेट से जुड़े सात कैंपों और ठिकानों को निशाना बनाया गया। पाकिस्तान सरकार ने इसे हालिया आत्मघाती हमलों के बाद जवाबी अटैक बताया। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि यह इंटेलिजेंस बेस्ड ऑपरेशन था। पाकिस्तान ने कहा, ‘हमारे पास पुख्ता सबूत हैं कि हमले अफगानिस्तान की जमीन से चल रहे नेटवर्क ने कराए।’ अफगानिस्तानी मीडिया टोलो न्यूज के मुताबिक हमले में नांगरहार के एक घर को निशाना बनाया, जिससे एक ही परिवार के 23 लोग मलबे के नीचे दब गए। अब तक सिर्फ चार लोगों को निकाला जा सका है। हमले के समय परिवार सो रहा था, इसलिए उन्हें भागने का मौका ही नहीं मिला। पूरी खबर पढ़ें… ट्रम्प ने 24 घंटे में ग्लोबल टैरिफ बढ़ाकर 15% किया: कल अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ रद्द किए, फिर नाराज ट्रम्प ने 10% टैरिफ लगाया था अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ग्लोबल टैरिफ 10% से बढ़ाकर 15% करने का ऐलान किया है। उन्होंने शनिवार को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। इससे पहले ट्रम्प ने शुक्रवार रात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सभी देशों पर 10% टैरिफ लगाने की बात कही थी। दरअसल अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ट्रम्प के दुनियाभर के देशों पर लगाए गए टैरिफ को रद्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि ट्रम्प को IEEPA कानून का इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं है। यह अधिकार राष्ट्रपति को नहीं, सिर्फ संसद को है। इससे नाराज होकर ट्रम्प ने दुनियाभर के देशों पर नए कानून (सेक्शन-122) का इस्तेमाल कर 10% टैरिफ लगा दिया था। इस कानून के तहत अधिकतम 15% टैरिफ ही लगाया जा सकता है। हालांकि यह टैरिफ सिर्फ 150 दिन के लिए ही लागू रहेगा। अगर इसे आगे बढ़ाना है तो कांग्रेस की मंजूरी लेनी होगी। पूरी खबर पढ़ें…