गोरखपुर के पिपराइच CHC में फर्स्ट रेफरल यूनिट (FRU) पर सोमवार से स्टेमी केयर नेटवर्क की सेवा शुरू हो गई। इससे हार्ट के मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध हो सकेगा। सेवा शुरू होने के कुछ ही समय बाद सीने में दर्द की शिकायत लेकर पहुंची 90 साल की बुजुर्ग महिला की त्वरित जांच और उपचार किया गया। जांच में मामला स्टेमी का नहीं पाया गया, जिसके बाद आवश्यक उपचार कर उन्हें घर भेज दिया गया। CMO ने किया स्टेमी कॉर्नर का निरीक्षण CMO डॉ राजेश झा ने पिपराइच FRU पहुंचकर स्टेमी कॉर्नर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और वहां मौजूद संसाधनों की उपलब्धता का जायजा लिया। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिया कि आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी जीवनरक्षक दवाएं, इंजेक्शन, ECG मशीन और प्रशिक्षित स्टॉफ हर समय उपलब्ध रखें। उन्होंने कहा कि हृदय रोग से जुड़े मामलों में समय सबसे महत्वपूर्ण होता है, इसलिए किसी भी मरीज के पहुंचते ही त्वरित जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाए। दस मिनट में ECG और विशेषज्ञों से समन्वय अनिवार्य CMO ने निर्देश दिया कि सीने में दर्द, घबराहट या हार्ट-अटैक के लक्षण के साथ आने वाले मरीज की दस मिनट के भीतर ECG कराई जाए। ECG रिपोर्ट को स्टेमी केयर नेटवर्क के व्हाट्सएप समूह में साझा कर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बने हब पर मौजूद विशेषज्ञों से तत्काल परामर्श लिया जाए। विशेषज्ञों के निर्देशन में ही मरीज का उपचार किया जाएगा। स्टेमी की पुष्टि होने पर आवश्यक इंजेक्शन देकर मरीज को एम्बुलेंस से हब पर रेफर किया जाएगा और मरीज की पूरी जानकारी पहले से साझा की जाएगी ताकि उपचार में देरी न हो। एक घंटे में दो बार ECG डॉ झा ने बताया कि प्रोटोकॉल के तहत मरीज की एक घंटे के भीतर दो बार ECG की जाएगी और उपचार हब पर मौजूद हृदय रोग विशेषज्ञ की निगरानी में होगा। यदि मामला स्टेमी का नहीं भी निकलता है तब भी मरीज को आवश्यक उपचार देना सुनिश्चित किया जाएगा।