झांसी में 3 लुटेरों को 7-7 साल का कारावास:15 साल पहले दंपती से लूटपाट की थी, एक्सीडेंट होने पर पकड़े गए थे
Published: Feb 23, 2026
झांसी में सोमवार को डकैती कोर्ट ने 3 लुटेरों को 7-7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। तीनों ने 15 साल पहले अस्पताल में बच्चे को टीका लगवाकर घर आ रहे दंपती से लूटपाट की थी। भागते समय उनका एक्सीडेंट हो गया था। तब तीनों पकड़े गए थे। कोर्ट ने तीनों पर 15-15 हजार रुपए का अर्थदण्ड भी लगाया है। नहीं देने पर दो महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। यह फैसला डकैती कोर्ट के विशेष न्यायाधीश नेत्रपाल सिंह ने सुनाया है। तीनों आरोपी सुल्तान सिंह पुत्र हरीकिशन लोधी, ओमप्रकाश पुत्र रामकिशन और मानवेंद्र सिंह पुत्र रघुवीर शरण लोधी चिरगांव के कुरगुवां गांव के रहने वाले हैं। मंगलसूत्र भी छीनने की कोशिश की थी विशेष लोक अभियोजक विपिन कुमार मिश्र ने बताया- टहरौली के बसाड़ी गांव निवासी विजय सिंह ने गुरसराय थाने में तहरीर दी थी। जिसमें बताया था कि 8 मई 2010 को बाइक से पत्नी कोमल देवी और 5 साल की बेटी काजल को गुरसराय अस्पताल लेकर आया था। यहां बेटी का टीकाकरण हुआ। इसके बाद बाइक से घर लौट रहे थे। जब बिजौरा माइनर के पास पहुंचा तो बाइक से 3 बदमाश आए और बाइक रुकवा ली। एक बदमाश ने तमंचा अड़ाकर मोबाइल छीन लिया। फिर पत्नी का मंगलसूत्र छीनने लगे। चिल्लाने पर राहगिर आ गए। जिनको देखकर तीनों मोबाइल लूटकर बाइक से गुरसराय की तरफ भाग निकले। बदमाशों के पीछा कर रहा था पीड़ित पीड़ित ने राहगिरों की मदद से बदमाशों का पीछा किया। तब मोदी मिल के पास बदमाशों की बाइक सामने से आ रही दूसरी बाइक से टकरा गई थी। इससे तीनों घायल हो गए थे। दूसरी बाइक पर सवार गुरसराय निवासी अखिलेश कुमार त्रिपाठी को भी चोट आई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने सुल्तान लोधी, ओमप्रकाश गोस्वामी और मानवेंद्र सिंह लोधी को गिरफ्तार करके लूटा हुआ मोबाइल, तमंचा, कारतूस बरामद किए थे। बाद में पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। लंबी सुनवाई के बाद सोमवार को कोर्ट ने तीनों बदमाशों को 7-7 साल की सजा और 15-15 हजार रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया है।