यह वो दौर है जिस दौर का हीरो माननीय सुप्रीम कोर्ट है। सुप्रीम कोर्ट को देखकर यह उम्मीद तो ज़िंदा रहती ही है कि हमारे देश में लोकतंत्र की जड़ें बेहद ही मज़बूत हैं ऐसे ही कोई इसे अपने मन मुताबिक़ ख़त्म नहीं कर पाएगा