अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि भारत ने अमेरिका को भरोसा दिया है कि वह रूस से एक्स्ट्रा तेल नहीं खरीदेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका ने रूस के एनर्जी सेक्टर पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में बोलते हुए रुबियो ने कहा कि भारत के साथ बातचीत में यह भरोसा मिला है। उनका कहना था कि यूरोप भी इस दिशा में अपने कदम उठा रहा है। इसी सम्मेलन में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत अपनी स्ट्रैटेजिक आजादी पर पूरी तरह कायम है। उन्होंने बताया कि यह भारत की नीति, इतिहास और सोच का अहम हिस्सा है और राजनीति से ऊपर है। तेल खरीद को लेकर उन्होंने कहा कि ग्लोबल ऑयल मार्केट काफी जटिल है और कंपनियां कीमत और जोखिम को देखकर अपने हित में फैसले करती हैं। उन्होंने साफ किया कि भारत अपने फैसले खुद करेगा और आजाद सोच के साथ आगे बढ़ेगा। रुबियो का यह बयान ऐसे समय आया है, जब एक हफ्ते पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया था कि भारत ने रूस से तेल खरीद बंद करने पर सहमति जताई है। ट्रम्प ने कहा था कि लंबे समय से चल रहे व्यापार विवाद के बाद यह दोनों देशों के रिश्तों में बड़ी सफलता है। बांग्लादेश में देशी बम बनाने के दौरान धमाका; 2 की मौत, 3 घायल बांग्लादेश के चापाइनवाबगंज जिले में शनिवार सुबह करीब 5 बजे देशी बम बनाते समय विस्फोट हो गया। हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। घटना चर बगडांगा यूनियन के पाथापाड़ा गांव की है। सदर पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी नुरे आलम ने बताया कि घर के अंदर कथित तौर पर देशी बम तैयार किए जा रहे थे। इसी दौरान अचानक तेज धमाका हुआ। मृतकों की पहचान तत्काल नहीं हो सकी है। घायलों की पहचान पाथापाड़ा गांव के मिनहाज (52) और बाजलुर रहमान (20), तथा रानीहाटी के धूमी गांव निवासी मोहम्मद शुवो (20) के रूप में हुई है। सभी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि मकान की ईंटों की दीवारें ढह गईं और टिन की छत उड़कर दूर जा गिरी। आसपास के इलाके में भी अफरातफरी मच गई। पुलिस ने क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि विस्फोटक सामग्री किस उद्देश्य से तैयार की जा रही थी और इस घटना में अन्य कौन लोग शामिल हो सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… अमेरिकी सेना का कैरेबियन सागर में एक और बोट पर हमला, 3 की मौत अमेरिकी सेना ने कैरेबियन सागर में ड्रग तस्करी के आरोप में शुक्रवार को एक और नाव पर हमला किया है। इस हमले में 3 लोगों की मौत हुई है। अमेरिकी सदर्न कमांड के मुताबिक नाव कथित तौर पर ड्रग तस्करी के लिए इस्तेमाल हो रही थी। यह हमला किया गया। अमेरिकी सदर्न कमांड ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह नाव कैरेबियन में ‘नार्को-ट्रैफिकिंग रूट’ पर चल रही थी और ड्रग तस्करी में शामिल थी। कमांड ने बताया कि हमले में नाव सवार तीन लोग मारे गए। पोस्ट के साथ एक वीडियो भी शेयर किया गया है। वीडियो में एक नाव पानी में चलते हुए दिखती है, जिसके बाद वह धमाके के साथ आग की लपटों में घिर जाती है। यह हमला ट्रम्प प्रशासन की उस कार्रवाई का हिस्सा है, जिसमें कथित ड्रग तस्करी में शामिल नावों को निशाना बनाया जा रहा है। पिछले साल सितंबर से अब तक कैरेबियन सागर और पूर्वी प्रशांत महासागर में कम से कम 38 हमले किए गए हैं। इन हमलों में अब तक कुल 133 लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पिछले हफ्ते कहा था कि क्षेत्र के कुछ बड़े कार्टेल ड्रग तस्करों ने हाल की सैन्य कार्रवाइयों के कारण अनिश्चितकाल के लिए नशीले पदार्थों का कारोबार बंद करने का फैसला किया है। हालांकि, हेगसेथ ने अपने निजी सोशल मीडिया अकाउंट पर किए गए इस दावे के समर्थन में कोई सबूत शेयर नहीं किया। ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका लैटिन अमेरिका के ड्रग कार्टेल के साथ सशस्त्र संघर्ष की स्थिति में है। उन्होंने इन हमलों को ड्रग्स की सप्लाई रोकने के लिए जरूरी कदम बताया है। खालिस्तानी आतंकी पन्नू की हत्या की साजिश का मामला:भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को 24 साल की सजा; न्यूयॉर्क कोर्ट में गुनाह कबूला खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने के मामले में भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को 24 साल की जेल की सजा सुनाई गई। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक निखिल ने शुक्रवार को अमेरिका के न्यूयॉर्क की कोर्ट में गुनाह कबूल कर लिया है। 29 मई को सजा का औपचारिक ऐलान किया जाएगा। अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने एक्स पर पोस्ट कर निखिल गुप्ता के अपराध कबूलने की जानकारी दी। FBI के मुताबिक, यह साजिश एक अमेरिकी नागरिक की हत्या के लिए रची गई थी, जिसे अमेरिकी एजेंसियों ने समय रहते नाकाम कर दिया। US अटॉर्नी ऑफिस के बयान के मुताबिक, निखिल गुप्ता उर्फ ‘निक’ ने सेकंड सुपरसिडिंग इंडिक्टमेंट में लगाए गए तीनों आरोपों को स्वीकार किया है। इन आरोपों में मर्डर-फॉर-हायर, मर्डर-फॉर-हायर की साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश शामिल है। पूरी खबर यहां पढ़ें… अमेरिका का दूसरा जंगी बेड़ा मिडिल ईस्ट रवाना:यह दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर; वेनेजुएला में ऑपरेशन में शामिल था अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है। अमेरिका अब अपना सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर USS जेराल्ड आर. फोर्ड वहां भेज रहा है। यह एक न्यूक्लियर-पावर्ड कैरियर एयरक्राफ्ट है। रॉयटर्स को दो अमेरिकी अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है। अधिकारी के मुताबिक, जेराल्ड को मिडिल ईस्ट पहुंचने में एक हफ्ता लगेगा। वहां पहले से अब्राहम लिंकन कैरियर और दूसरे युद्धपोत तैनात हैं। जेराल्ड अपने साथी जहाजों के साथ कैरिबियन सागर में तैनात था। यह इस साल वेनेजुएला में हुए अमेरिकी अभियानों में हिस्सा ले चुका है। इसके अलावा हाल के हफ्तों में कई गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर, फाइटर जेट और निगरानी विमान भी मिडिल ईस्ट में भेजे गए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…