कानपुर में रिटायर फौजी ने लाइसेंसी बंदूक से पत्नी और 16 साल के बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद वह बाइक से रेलवे अंडरपास पहुंचा और ट्रेन के नीचे लेटकर जान दे दी। वारदात का पता उस वक्त चला, जब पुलिस बाइक के नंबर से फौजी की पहचान कर उसके घर पहुंची। घर के अंदर जाने पर पत्नी और बेटे की फर्श पर लाश मिली। पत्नी के सिर और बेटे के सीने में गोली मारी गई थी। किचन से बेडरूम तक खून फैला हुआ था। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने अफसरों को इसकी जानकारी दी। फिलहाल पुलिस का कहना है कि फौजी ने ऐसा कदम क्यों उठाया, इसकी वजह अब तक सामने नहीं आई है। घटना सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र की है। मृतकों की पहचान रिटायर फौजी चेतराम पासवान (51), उसकी पत्नी सुनीता वर्मा (40) और बेटे दीप (16) के रूप में हुई है। वारदात से जुड़ी तस्वीरें देखिए--- 25 साल पहले हुई थी शादी, रात में पत्नी से झगड़ा हुआ था चेतराम मूल रूप से घाटमपुर के सेरूआ बखरिया गांव का रहने वाला था। उसकी शादी 25 साल पहले साढ़ थाना क्षेत्र के पाल्हेंपुर गांव की रहने वाली सुनीता से हुई थी। फौज से रिटायर होने के बाद चेतराम बड़ा चौराहा के स्टेट बैंक में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था। उसने छह महीने पहले ही बेटी की शादी मेरठ निवासी युवक से की थी। इसके बाद तुलसियापुर में नया घर बनवाया था। चार महीने पहले वह उस घर में शिफ्ट हो गया। यहां वह पत्नी सुनीता और बेटे दीप के साथ रहता था। दीप कक्षा 9 में पढ़ता था। सूत्रों के मुताबिक, घर बनवाने और बेटी की शादी के लिए चेतराम ने 12 लाख रुपए कर्ज लिया था। कर्ज भर नहीं पाया तो दो महीने पहले उसने पिता अयोध्या प्रसाद से जमीन बांटने की बात कही थी। एक महीने पहले पिता ने खेत बेचकर उसे 12 लाख रुपए दिए थे, जिससे उसने कर्ज चुका दिया था। पड़ोसियों ने बताया कि देर रात पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। सुबह इस घटना की जानकारी हुई। मालगाड़ी से कटा रिटायर फौजी, बाइक नंबर से पहचान एडिशनल कमिश्नर विपिन ताडा ने बताया कि सोमवार सुबह 7:30 बजे सूचना मिली कि कठोगर–इमलीपुर रेलवे अंडरपास के पास रेलवे ट्रैक पर मालगाड़ी से कटकर एक व्यक्ति ने सुसाइड कर लिया। पुलिस मौके पर पहुंची तो उसकी जेब से आधार कार्ड मिला। बगल में बाइक पड़ी हुई थी। बाइक नंबर से युवक की पहचान रिटायर्ड फौजी चेतराम के रूप में हुई। पुलिस घर पहुंची तो पत्नी-बेटे की लाश मिली पुलिस के मुताबिक, जब पुलिस चेतराम के घर पहुंची तो दरवाजा बाहर से खुला था। आवाज देने पर अंदर से कोई जवाब नहीं आया। पुलिसकर्मी घर के अंदर गए तो पत्नी सुनीता वर्मा और बेटे दीप का शव पड़ा था। पास में डबल बैरल बंदूक पड़ी थी। बेड के पास पत्नी का शव फर्श पर पड़ा था, उसके सिर में गोली लगी थी। कमरे के दरवाजे पर बेटे का शव पड़ा था, उसके सीने में गोली लगी थी। माना जा रहा है कि पहले पत्नी को गोली मारी गई। आवाज सुनकर बेटा बचाने दौड़ा और कमरे में घुसते ही उसे भी गोली मार दी गई। फिलहाल पुलिस और फोरेंसिक टीम ने डबल नली बंदूक, खून के सैंपल और खून से सने कपड़े बरामद किए हैं। मोबाइल फोन भी कब्जे में लिया गया है। भाई बोले- किसी ने हत्या की, कर्ज नहीं था घटना की सूचना मिलते ही सुनीता की बहन आशा देवी मौके पर पहुंचीं, हालांकि उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। वहीं भाई बाबू राम ने बताया कि चेतराम ने हत्या कर सुसाइड नहीं किया है, बल्कि किसी ने इनकी हत्या की है। बेटे की कमर में रस्सी बंधी थी। चेतराम पर इस समय कोई कर्ज नहीं था। जो कर्ज था, उसे खेत बेचकर चुका दिया गया था। -------------------- ये खबर भी पढ़िए- करोड़ों की लेम्बोर्गिनी, 6 घायल और 7 घंटे में रिहाई: क्या कहता है कानून, भारत में ऐसी कितनी कारें हैं? जानिए हर सवाल का जवाब कानपुर के वीआईपी रोड पर 8 फरवरी को तेज रफ्तार 14 करोड़ की लेम्बोर्गिनी लोगों को उड़ाती चली गई। एक तो सुपरकार और ऊपर से अरबपति बाप का बेटा होने की वजह से मामला खूब उछला, लेकिन उसके बाद की पुलिस कार्रवाई और फिर कोर्ट से 7 घंटे में छूटने पर बड़े सवाल खड़े किए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा चर्चा कथित ड्राइवर मोहन की हो रही है, जिसने कार में 9 गियर बताए। सोशल मीडिया पर इसको लेकर तरह-तरह के सवाल लोग कर रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…