औरैया में मनरेगा मजदूरों के बकाया भुगतान को लेकर कांग्रेस के विधानसभा घेराव से पहले कई नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया गया। यह कार्रवाई लखनऊ में होने वाले प्रदर्शन को रोकने के उद्देश्य से की गई। गिरफ्तार किए गए नेताओं में दिबियापुर से कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अंशु तिवारी प्रमुख हैं। उनके साथ औरैया में कांग्रेस जिलाध्यक्ष सरिता दोहरे, मखलू पांडेय, प्रवीण गुप्ता और ब्रदर पाण्डेय सहित कई अन्य कांग्रेसी नेताओं को भी उनके आवास पर ही रोका गया। कांग्रेस का यह विधानसभा घेराव मनरेगा मजदूरों को उनका भुगतान न मिलने के मुद्दे पर केंद्रित है। पार्टी का आरोप है कि मजदूरों को महीनों से उनका मेहनताना नहीं मिला है, जिससे उनकी आजीविका बुरी तरह प्रभावित हो रही है। प्रदेश महासचिव अंशु तिवारी ने भाजपा सरकार पर मनरेगा के मूल उद्देश्य को खत्म करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के नाम पर शुरू की गई यह योजना गरीबों को 100 दिन का रोजगार सुनिश्चित करती थी, लेकिन अब मजदूरों की मजदूरी 11-12 महीने से रोकी गई है। उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे गरीब परिवारों का भरण-पोषण मुश्किल हो गया है।