डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों का विवरण समर्थ पोर्टल पर अपलोड:उच्च शिक्षा में पारदर्शिता लाने को सरकार का नया कदम
February 19, 2026 | Uttar Pradesh
उच्च शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से अब डिग्री कॉलेजों में कार्यरत सभी शिक्षकों का पूरा विवरण समर्थ पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत शिक्षकों की नियुक्ति, शैक्षणिक योग्यता और अनुमोदन संबंधी सभी जानकारियां डिजिटल रूप से दर्ज होंगी, जिससे फर्जीवाड़े पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। नई प्रणाली में शिक्षकों के आधार कार्ड, नेट उत्तीर्णता प्रमाणपत्र और पीएचडी के अनुक्रमांक के आधार पर ऑनलाइन सत्यापन किया जाएगा। यह कदम एक ही शिक्षक द्वारा एक से अधिक महाविद्यालयों में अनुमोदन कराए जाने जैसी अनियमितताओं पर रोक लगाने में सहायक होगा। नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता भी संदिग्ध सूत्रों के अनुसार, पूर्व में हुई जांचों में यह सामने आया है कि कुछ शिक्षक अलग-अलग महाविद्यालयों में अपना अनुमोदन दर्शाकर कार्य कर रहे हैं। इससे न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता प्रभावित होती है, बल्कि नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता भी संदिग्ध होती है। समर्थ पोर्टल पर डेटा अपलोड होने के बाद प्रत्येक शिक्षक का रिकॉर्ड केंद्रीकृत रूप से उपलब्ध रहेगा। यदि कोई शिक्षक एक से अधिक संस्थानों में अनुमोदित पाया जाता है, तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फर्जी नियुक्तियों और कागजी हेरफेर पर रोक शिक्षा विभाग का मानना है कि डिजिटल सत्यापन प्रणाली लागू होने से फर्जी नियुक्तियों और कागजी हेरफेर पर रोक लगेगी। महाविद्यालयों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने यहां कार्यरत सभी शिक्षकों का विवरण पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करें। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलसचिव केश लाल ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के सभी शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कार्य अब समर्थ पोर्टल के माध्यम से संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर शिक्षकों का विवरण अपलोड होने से यदि किसी शिक्षक ने एक से अधिक संस्थानों में अनुमोदन प्राप्त किया होगा, तो उसकी जानकारी स्वतः उपलब्ध हो जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित शिक्षक एवं महाविद्यालय के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।