उन्नाव के गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र में जमीन कब्जाने की नीयत से अमरूद का बाग उजाड़ने का मामला सामने आया है। आरोप है कि सुखलाल खेड़ा गांव में करीब एक सौ हरे-भरे फलदार पेड़ों को काट दिया गया। इस संबंध में दो नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। सुखलाल खेड़ा निवासी खुशबू निषाद ने गंगाघाट कोतवाली में तहरीर दी है। उन्होंने बताया कि गांव में उनकी करीब डेढ़ बीघा जमीन है, जिस पर उनके परिवार का तीन पीढ़ियों से कब्जा है। इसी जमीन पर अमरूद का बाग लगा हुआ था। आरोप है कि 14 फरवरी की रात लगभग 12 बजे गांधी नगर निवासी दीपेंद्र कुमार शुक्ला और अनुज कुमार कुछ अन्य लोगों के साथ पहुंचे और बाग में लगे लगभग एक सौ अमरूद के पेड़ों को काट डाला। पीड़िता के अनुसार, घटना की जानकारी मिलने पर जब वह परिवार के साथ मौके पर पहुंचीं, तो आरोपियों ने गाली-गलौज की। विरोध करने पर उन्होंने बाग में बनी झोपड़ी में आग लगा दी और जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। इस घटना के बाद से पीड़िता का परिवार दहशत में है। इस मामले को लेकर क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में पेड़ काटे जाने से न केवल आर्थिक नुकसान हुआ है, बल्कि पर्यावरण को भी क्षति पहुंची है। कोतवाली प्रभारी अजय कुमार सिंह ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मारपीट, धमकी और वन अधिनियम सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।