सिद्धार्थनगर में एक नाबालिग शादी टूटने के बाद आत्महत्या कर ली। इंटर के छात्रा का कॉलेज के प्रबंधक के भतीजे से अफेयर हो गया। जिसके बाद डेढ़ साल तक प्रेम प्रसंग चलता रहा। इस दौरान प्रेमी ने आपत्तिजनक वीडियो तथा बातचीत के ऑडियो व कॉल रिकॉर्डिंग भी बना लिए। छात्रा को ब्लैकमेल करके परेशान करने लगा। जिसके बाद छात्रा ने स्कूल जाना छोड़ दिया। घर को पता चला तो शादी तय कर दी। जिसके बाद प्रेमी ने ससुरालवालों को आपत्तिजनक वीडियो और ऑडियो भेज दिया। जिसके बाद शादी टूट गई। परिजन ने प्रेमी के खिलाफ केस दर्ज दिया। 12 तारिख को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। नाबालिग ने यह सूचना मिलने पर सुसाइड कर लिया। मामला शिवनगर डिडई थाना का है। अब जानिए पूरा मामला सिद्धार्थनगर के शिवनगर डिडई थाना क्षेत्र के करमहिया गांव में सोमवार की रात एक नाबालिग छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह जब वह अपने कमरे से बाहर नहीं निकली, तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। परिजनों ने खिड़की से झांककर देखा तो बेटी पंखे से दुपट्टे के सहारे लटकी हुई थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा। मृतका के पिता ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी क्षेत्र के एक इंटर कॉलेज में पढ़ती थी। कॉलेज के प्रबंधक के भतीजे शिखर शुक्ला ने उसे प्रेमजाल में फंसा लिया। पिता के अनुसार, आरोपी ने लगभग डेढ़ वर्ष तक उनकी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म किया और इस दौरान उसके आपत्तिजनक वीडियो तथा बातचीत के ऑडियो व कॉल रिकॉर्डिंग भी बना लिए। इन घटनाओं से मानसिक रूप से परेशान होकर छात्रा ने स्कूल जाना बंद कर दिया और परिजनों को पूरी बात बताई। बेटी की हालत देखकर पिता ने उसकी शादी तय करने का फैसला किया। परिवार ने रिश्तेदारी में शादी पक्की कर दी थी। हालांकि, आरोपी शिखर शुक्ला को जब इसकी जानकारी मिली, तो उसने छात्रा के आपत्तिजनक वीडियो और ऑडियो उसके होने वाले ससुराल वालों को भेज दिए। इस कारण शादी टूट गई, जिससे छात्रा और अधिक टूट गई। पिता ने पुलिस पर लापरवाही का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब वे पहली बार थाने में शिकायत लेकर पहुंचे, तो उनकी सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनका प्रार्थना पत्र फाड़ दिया और अपनी मर्जी से नया प्रार्थना पत्र लिखवाकर हल्की धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी को छोड़ दिया था। इसके बाद उन्होंने उच्च अधिकारियों से शिकायत की और रजिस्ट्री के माध्यम से न्याय की गुहार लगाई।