LUCC संचालक रवि तिवारी और भाई विनोद जेल से रिहा:हाईकोर्ट के आदेश पर राहत, करोड़ों की धोखाधड़ी का मामला
2026-02-17 04:09:20 | 0 Views
एलयूसीसी चिटफंड कंपनी के मुख्य संचालक रवि तिवारी और उनके भाई विनोद तिवारी को उच्च न्यायालय के आदेश पर जेल से रिहा कर दिया गया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत ने तालबेहट कोतवाली में दर्ज एलयूसीसी प्रकरण में उनकी रिहाई के आदेश जारी किए, जिसके बाद सोमवार शाम को जेल प्रशासन ने दोनों आरोपियों को छोड़ दिया। जेलर रामनरेश गौतम ने इसकी पुष्टि की। यह मामला एक माह पहले 6 जनवरी को तालबेहट कोतवाली पुलिस द्वारा दर्ज किया गया था। मोहल्ला चौबयाना निवासी शक्ति वाल्मीकि की तहरीर पर दीपक सहित 8-10 अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था। जांच के दौरान रविशंकर तिवारी उर्फ रवि तिवारी (निवासी लेखपाल कॉलोनी, रामनगर, ललितपुर, वर्तमान में भोपाल), उनके भाई विनोद तिवारी, भरत वर्मा (निवासी सिविल लाइन, चांदमारी) और मुकेश कुमार जैन (निवासी ग्राम मड़ावरा) के नाम सामने आए। पुलिस टीमों ने 12 जनवरी को इन चारों को गिरफ्तार कर सीजेएम न्यायालय में पेश किया था, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था। 10 अक्टूबर को अपर जिला न्यायाधीश (एडीजे) ने चारों आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। इसके बाद आरोपियों ने उच्च न्यायालय का रुख किया। उच्च न्यायालय ने उनकी गिरफ्तारी और रिमांड आदेश को शून्य घोषित करते हुए गिरफ्तारी को अवैध पाया और तत्काल रिहाई के आदेश जारी किए। हालांकि, उच्च न्यायालय का आदेश शुक्रवार को आया था, जब स्थानीय अदालतें बंद हो चुकी थीं। दो दिन के अवकाश के कारण अदालतें नहीं खुल पाईं। सोमवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने जेल अधीक्षक को पत्र लिखकर उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए दोनों आरोपियों को तुरंत रिहा करने का निर्देश दिया।