भदोही जिले में नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत इस साल पहले चरण में रिकॉर्ड 4882 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से लगभग 3000 आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं, जो कुल आवेदनों का 60% है। ये आवेदन निर्धारित मानकों को पूरा न करने के कारण अमान्य हुए। अधिकारियों के अनुसार, अमान्य किए गए आवेदनों में आरटीई के तहत निर्धारित पात्रता मानदंडों का अभाव पाया गया। अब पात्र बच्चों के लिए 18 फरवरी को लॉटरी निकाली जाएगी, जिसके बाद 20 फरवरी को विद्यालयों का आवंटन किया जाएगा। आरटीई अधिनियम के तहत, निजी और कॉन्वेंट स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें गरीब बच्चों के लिए आरक्षित होती हैं। इन बच्चों की पढ़ाई, कॉपी-किताब का खर्च सरकार वहन करती है। जिले में आरटीई के लिए 720 विद्यालय पंजीकृत हैं और लगभग 3000 सीटों पर प्रवेश का लक्ष्य रखा गया है। शिक्षा सत्र 2026-27 के पहले चरण के लिए आवेदन 2 से 16 फरवरी तक स्वीकार किए गए थे। पिछले साल पहले चरण में 2500 आवेदन आए थे, जबकि इस बार यह संख्या बढ़कर 4882 हो गई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने बताया कि छह ब्लॉकों से कुल 4882 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से सत्यापन के दौरान लगभग 3000 आवेदन निरस्त कर दिए गए। जिले में अब तक आठ हजार से अधिक बच्चे आरटीई के तहत निजी स्कूलों में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।