मेरठ में मंगलवार को उघोग व्यापार मंडल के लोगों ने सैंपलिंग से जुडी समस्याओं के संबंध में खाद्य सुरक्षा और औषधि विभाग के अपर आयुक्त से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने इस प्रक्रिया के दौरान उनके सामने आने वाली परिशानियों से अवगत कराया और सरलता से प्रक्रिया चलाने के मांग रखी। भ्रष्टाचार का जरिया न बने सैंपलिंग- लोकेश कुमार अग्रवाल संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष लोकेश कुमार गुप्ता ने कहा कि सैंपलिंग एक पूर्ण रूप से रेगुलर होने वाली प्रक्रिया है। इसकी आड़ में कुछ लोगों द्वारा भ्रष्ठाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके साथ ही नाजायज तरीकों से व्यापारियों का उतपीड़न कर जेल भेजा जा रहा है। इस पर सरकार को तत्काल रोक लगानी चाहिए। सड़क पर उतरेगा व्यापारी उन्होंने कहा कि यदि जल्द सैंपलिंग की इस प्रक्रिया में सुधार नहीं किया जाता है तो व्यापारी मजबुरन खुद को बचाने के लिए सड़कों पर उतर कर आंदोलन करने को मजबूर होगा। हम सरकार के किसी भी नियम का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन उसकी आढ़ में होने वाले गलत कार्यों का विरोध कर रहे हैं। व्यापारियों की कुछ प्रमुख मांगे - . सभी प्रकार खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम में रजिस्ट्रेशन के लिए 12 लाख टर्न ओवर के बदले 40 लाख वार्षिक टर्न ओवर तक का काम करने वालो को रजिस्ट्रेशन की सीमा में रखा जाए। - खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम में फूड एक्ट का लाइसेंस न पाए जाने पर सजा का प्राविधान खत्म किया जाए। - प्रत्येक जिले में एक ही रजिस्ट्रेशन अर्थोरिटी नियुक्त किया जाना चाहिए और रजिस्ट्रेशन अधिकारी को फील्ड का कार्य न दिया जाए। -. खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा मल्टी नेशनल कम्पनी व फूड सप्लाई चेन के डिलीवरी होने वाले सामानों की सैम्पलिंग नहीं की जा रही है। जो आवश्यक रूप से की जानी चाहिए।