आपके द्वारा बताए गए आंकड़े काफी हद तक सही दिशा में हैं, लेकिन कुछ बारीकियां हैं।  सरकारी स्रोतों (PRS India, Ministry of Finance, World Bank आदि) के आधार पर फैक्ट्स दे रहा हूं। ये यूनियन बजट (केंद्रीय बजट) के संदर्भ में हैं, क्योंकि आपने "टोटल बजट" कहा है। ध्यान दें कि शिक्षा मुख्य रूप से राज्य विषय है, इसलिए केंद्रीय बजट में हिस्सा कम रहता है, जबकि कुल (केंद्र+राज्य) शिक्षा खर्च GDP का ~3-4% है।


### शिक्षा बजट

- 11 साल पहले (2013-14 या 2014-15 के आसपास) शिक्षा मंत्रालय का हिस्सा यूनियन बजट का लगभग 4-4.8% था।

- अब (2024-25/2025-26) यह घटकर ~1.5-2.5% रह गया है (कई स्रोतों में 1.53% तक बताया गया)। PRS India के अनुसार, 2015-16 से 2025-26 तक हिस्से में निरंतर गिरावट आई है।

- उच्च शिक्षा विभाग विशेष रूप से: 2013-14 में 2.52% से घटकर 2024-25 में 0.91% हो गया।

यह गिरावट इसलिए क्योंकि कुल बजट तेजी से बढ़ा, और प्राथमिकताएं इंफ्रा, सब्सिडी आदि पर शिफ्ट हुईं। हालांकि, निरपेक्ष राशि में बढ़ोतरी हुई है।


### रक्षा बजट

- 2013-14/2014-15 में रक्षा व्यय कुल केंद्रीय व्यय का ~17% (2014-15 में ठीक 17.1%) था।

- अब 2024-25 में ~13% (12.9% BE, 2023-24 RE में 13.9%)

- प्रतिशत में गिरावट है, लेकिन निरपेक्ष राशि में बड़ी बढ़ोतरी: 2013-14 में ₹2.53 लाख करोड़ से 2025-26 में ₹6.81 लाख करोड़। PRS के अनुसार, 2013-14 से 2025-26 तक सालाना 9% की वृद्धि हुई।


### मेक इन इंडिया और मैनुफैक्चरिंग

- मैनुफैक्चरिंग का GDP में हिस्सा 2013-14 में ~16-17% था (कुछ स्रोतों में 16.7%)।

- अब (2023-24/2024) ~13-15.9% (World Bank के अनुसार 2024 में 13%, भारतीय स्रोतों में 14.3-15.9%)।

- आपका 12.8% थोड़ा कम लग रहा है, लेकिन करीब है—यह स्थिर या थोड़ा कम हुआ है। Make in India (2014 में शुरू) का लक्ष्य 2022 तक 25% था, जो नहीं मिला।

- सफलताएं: PLI योजनाओं से मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा आदि में उत्पादन और निर्यात बढ़ा। FDI बढ़ा, लेकिन सेवाओं की तेज वृद्धि के कारण कुल हिस्सा नहीं बढ़ा। "बब्बर शेर मिमिया" वाला कमेंट सही दिशा में है—लक्ष्य से कम हासिल हुआ।


### बजट किसको कितना मिला? (2025-26 का उदाहरण, कुल व्यय ~₹50 लाख करोड़)

मेजर हेड्स (अनुमानित प्रतिशत, PRS और आधिकारिक डेटा से):

- ब्याज भुगतान: ~22-25% (सबसे बड़ा हिस्सा)।

- रक्षा: ~13%।

- सड़क परिवहन और राजमार्ग: ~5-6%।

- ग्रामीण विकास, कृषि, सब्सिडी (खाद्य, उर्वरक): ~10-15%...


ये ट्रेंड दिखाते हैं कि केंद्रीय बजट में शिक्षा और रक्षा का प्रतिशत हिस्सा घटा है, जबकि इंफ्रा और अन्य क्षेत्रों पर फोकस बढ़ा। निरपेक्ष राशि सबमें बढ़ी है। अगर किसी साल या विभाग का स्पेसिफिक डेटा चाहिए तो बताएं।